कनेक्शन नहीं? कोई दिक्कत नहीं! अविद्युतीकृत किसानों को भी मिलेगा 90% सब्सिडी वाला 7.5HP सोलर पम्प

भारत में खेती का सबसे बड़ा सिरदर्द सिंचाई है और जब बिजली ही समय पर न मिले तो किसान मजबूरी में बारिश पर निर्भर रह जाते हैं। लेकिन अब मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जो आने वाले समय में खेतों की तस्वीर बदल सकता है। राज्य में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत सोलर पम्प स्थापना में बड़ा संशोधन किया गया है, जिससे किसानों को पहले से ज्यादा क्षमता वाले पम्प और भारी सब्सिडी दोनों मिलेंगे। खास बात यह है कि अविद्युतीकृत यानी जिन किसानों के खेतों में बिजली कनेक्शन नहीं है, वे भी अब 90% सब्सिडी पर 7.5HP तक का सोलर पम्प लगवा सकेंगे।

90 percent subsidy for unelectrified farmers

किसानों को मिलेगी मजबूत सिंचाई—7.5HP तक का पावरफुल विकल्प

मंगलवार, 18 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद की बैठक में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। पहले किसान केवल अपनी वर्तमान कनेक्शन क्षमता के बराबर ही सोलर पम्प ले सकते थे, लेकिन अब उन्हें एक स्तर ज्यादा क्षमता वाला सोलर पम्प चुनने का विकल्प मिल गया है।
अब 3HP कनेक्शन वाले किसानों को 5HP और 5HP कनेक्शन वालों को 7.5HP सोलर पम्प मिल सकेगा। और तो और, जिन किसानों के पास अस्थायी बिजली कनेक्शन है या बिल्कुल भी कनेक्शन नहीं है, वे भी सीधे 7.5HP क्षमता तक का सोलर पम्प 90% सब्सिडी में ले पाएंगे। इससे किसानों की सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, मोटे नलकूपों से पानी निकालना आसान होगा और खेती की लागत में भारी कमी आएगी।

क्यों जरूरी है यह फैसला?

राज्य सरकार के मुताबिक, सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भरता लगातार परेशानी का कारण बनी रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर का लोड, फॉल्ट और अनियमित सप्लाई की वजह से किसानों की फसलें कई बार जोखिम में आ जाती थीं।
सोलर पम्प इसका स्थायी समाधान के रूप में सामने आए हैं।
इन पम्पों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि:

  • दिनभर मुफ्त ऊर्जा से सिंचाई संभव
  • डीजल और बिजली की लागत खत्म
  • खराबी कम और लाइफ ज्यादा
  • फसल की उत्पादकता में सीधा फायदा

सरकार का मानना है कि सोलर पम्पों के बढ़ते उपयोग से न सिर्फ किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों पर भी बोझ कम होगा, क्योंकि अब बड़े पैमाने पर विद्युत पम्पों की जगह सोलर पम्प उपयोग में आएंगे।

लागू हो चुकी है योजना, ऐसे मिलेगा लाभ

मध्यप्रदेश में इस योजना को 24 जनवरी 2025 से “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के नाम से लागू किया गया है। इसका संचालन मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। योजना के पहले चरण में उन्हीं किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास अस्थायी बिजली कनेक्शन है या जो अविद्युतीकृत हैं। 7.5HP तक के सोलर पम्प में किसानों को सिर्फ 10% राशि देनी होगी, जबकि 90% राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी

यह कदम न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि राज्य में सौर ऊर्जा उपयोग को भी तेजी से बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी “सोलर पम्प स्टेट” बन सकता है, जहां खेतों में बिजली नहीं बल्कि सूरज से सिंचाई होगी और वह भी लगभग मुफ्त!

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