730W HJT Solar Panel: अब 10-15 पैनल नहीं सिर्फ 2 पैनल से चलेगा अपार्टमेंट और फ़्लैट्स का भी सारा लोड!

आज सोलर टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से आगे बढ़ चुकी है कि अब बड़े-बड़े सेटअप लगाने की जरूरत लगभग खत्म हो रही है। 730W HJT (Heterojunction Technology) सोलर पैनल इसी क्रांति का सबसे ताज़ा उदाहरण है। यह पैनल मोनोक्रिस्टलाइन सिलिकॉन सेल और एमॉर्फस सिलिकॉन लेयर के हाइब्रिड कॉम्बिनेशन से बनाया जाता है, जिससे इसकी efficiency सामान्य पैनलों से कहीं ज्यादा हो जाती है। यही कारण है कि यह कम धूप, बादल वाले मौसम और यहां तक कि सर्दियों में भी शानदार जनरेशन देता है। पहले जहां 5kW सिस्टम लगाने के लिए 10–12 पैनलों की जरूरत पड़ती थी, वहीं आज सिर्फ 6–7 HJT पैनल में वही आउटपुट मिल जाता है।

Two 730W HJT Solar Panels run apartment load

छोटे घर, फ्लैट और दुकान—अब कहीं भी लगाएं हाई-पावर पैनल

भारत में लाखों लोग फ्लैट या अपार्टमेंट में रहते हैं, जहां सबसे बड़ी दिक्कत सोलर लगाने के लिए जगह की कमी होती है। लेकिन नई HJT टेक्नोलॉजी ने यह समस्या लगभग खत्म कर दी है। क्योंकि सिर्फ दो 730W पैनल मिलकर रोज 10–12 यूनिट बिजली आसानी से बना देते हैं। यानी इतना जनरेशन कि घर की लाइट, पंखे, टीवी, फ्रिज, कूलर और यहां तक कि 1 टन AC भी आराम से चल सके।

अगर तीन पैनल लगा दिए जाएं तो रोज 15–16 यूनिट तक बिजली मिलती है। यह लगभग ₹150 प्रति दिन की फ्री बिजली के बराबर है। महीने में यह बचत ₹4,000–₹4,500 तक पहुंच सकती है। यह बात खास तौर पर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो बालकॉनी, छोटी दुकान, छोटे ऑफिस या टेरेस के एक हिस्से में भी सोलर लगाना चाहते हैं।

बाइफेशियल पावर: एक पैनल, लेकिन काम दो पैनलों जैसा

730W HJT सोलर पैनल की सबसे खास बात है इसकी बाइफेशियल क्षमता। यह आगे और पीछे दोनों तरफ से बिजली बनाता है। फ्रंट से 730W का आउटपुट मिलता है और बैकसाइड से 30–40% तक अतिरिक्त जनरेशन। यानी कुल आउटपुट 1000W के आसपास पहुंच जाता है। जमीन या दीवार से रिफ्लेक्टेड लाइट भी इसमें एनर्जी में बदल जाती है, जिससे यह एक पैनल लगभग दो पैनलों का काम कर देता है।

इसके सेल में 20 बसबार्स लगे होते हैं जिन्हें आसानी से “चांदी के पतले तार” कहा जा सकता है। ये इलेक्ट्रॉन्स को ज्यादा तेजी से गुजरने का रास्ता देते हैं, जिससे हर एक बूंद धूप से ज्यादा बिजली मिलती है। इसके साथ इसका temperature coefficient सिर्फ -0.25%/°C होता है, यानी गर्मी में भी पावर लॉस बहुत कम होता है। इसलिए यह पैनल राजस्थान, गुजरात, दिल्ली जैसे गर्म राज्यों में भी बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है।

30 साल की लाइफ और सबसे ज्यादा जनरेशन वाला पैनल

HJT मॉड्यूल की उम्र 30 साल तक मानी जाती है और पहले 25 साल में भी यह अपनी 90% क्षमता बनाए रखता है। देवसोल एनर्जी और एक्सेस सोलर जैसी कंपनियां भारत में इस टेक्नोलॉजी के पैनल बना रही हैं, जिनकी गुणवत्ता इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के बराबर मानी जाती है। भारत में इनकी कीमत आमतौर पर लगभग ₹22 प्रति वॉट के आसपास या ₹16,000 प्रति पैनल (टैक्स अतिरिक्त) से शुरू हो सकती है, जो विक्रेता और ब्रांड के अनुसार भिन्न हो सकती है।

इसके अलावा जो लोग सोलर बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, यह पैनल उनके लिए भी बड़ा अवसर है, क्योंकि आने वाले समय में हाई-वाटेज और हाई-इफिशिएंसी पैनलों की डिमांड सबसे ज्यादा होने वाली है। ग्राहक कम जगह में ज्यादा बिजली चाहते हैं, और HJT टेक्नोलॉजी यही डिमांड पूरी कर रही है।

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