आज के समय में बिजली का बिल कई घरों के बजट को हिला देता है। वहीं दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग बिजली की आंख-मिचौली से परेशान रहते हैं। ऐसे में हाइब्रिड सोलर सिस्टम सबसे स्मार्ट समाधान बनकर उभर रहा है। यह न सिर्फ ऑन-ग्रिड की तरह बिजली को डिस्कॉम में भेजने देता है, बल्कि ऑफ-ग्रिड की तरह बैटरी में पावर स्टोर भी करता है। यानी दिन में आपकी जरूरत से ज्यादा बनी बिजली नेट-मीटरिंग में एडजस्ट हो जाती है और रात में बैटरी स्टोरेज आपको महंगी बिजली खरीदने से बचाता है। खास बात यह है कि कई राज्यों में ग्रॉस मीटरिंग लागू हो रही है, जिसमें डिस्कॉम आपकी बिजली सस्ते दाम पर खरीदती है लेकिन महंगे रेट पर बेचती है। यही वजह है कि बैटरी वाला हाइब्रिड सिस्टम आज सबसे किफायती और फ्यूचर-प्रूफ विकल्प है।

5kW सिस्टम, लेकिन कीमत सिर्फ 3kW जितनी—कैसे?
मार्केट में 5kW सोलर सिस्टम की कीमत आमतौर पर ₹4.5–₹5 लाख तक बताई जाती है, लेकिन असल में टेक्नोलॉजी और ब्रांड के आधार पर इसका खर्च काफी कम किया जा सकता है। 4kW हाइब्रिड इन्वर्टर जिसकी लोड कैपेसिटी 5kVA के बराबर होती है, 5kW पैनल बैंक आराम से चलाता है। यह इन्वर्टर ड्यूल आउटपुट, बैटरी-लेस मोड, एक्सपोर्ट फीचर और 24V से लेकर 48V तक बैटरी सपोर्ट के साथ आता है। खास बात आप न्यूनतम दो बैटरियों से भी सिस्टम चला सकते हैं।
600W TOPCon पैनल आज मार्केट के सबसे किफायती हाई-एफिशिएंसी पैनलों में गिने जाते हैं। ऐसे 8 पैनल (कुल 4.8kW) रोजाना औसतन 25–30 यूनिट जनरेशन दे देते हैं। कीमतों को जोड़ें—पैनल, 4kW इन्वर्टर, प्रोटेक्शन बॉक्स, एक सस्ती LFP बैटरी और इंस्टॉलेशन तो पूरा सेटअप ₹2.75–₹3 लाख में तैयार हो जाता है। यानी 3kW सिस्टम के दाम में आपको पूरा 5kW हाइब्रिड सोलर प्लांट मिल जाता है।
30 यूनिट रोज, 2 AC तक आराम से—लोड कैपेसिटी कमाल की
एक 5kW हाइब्रिड सिस्टम आसानी से दो 1–1.5 टन के एयर कंडीशनर, हीटर, गीजर, फ्रिज, कूलर, टीवी, पंप और घर के बाकी सभी जरूरी लोड चलाने की क्षमता रखता है। अगर आप 730W HJT या HDT जैसे प्रीमियम पैनल का इस्तेमाल करते हैं तो जनरेशन 35 से 45 यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच सकती है। इतने आउटपुट में शहरों में रहने वाले परिवारों का पूरा बिजली बिल जीरो हो जाता है।
इसके अलावा इस सिस्टम में ड्यूल आउटपुट का फीचर बेहद काम का है—एक लाइन सामान्य लोड के लिए और दूसरी इमरजेंसी लोड के लिए, ताकि लाइट कटे तो भी घर के जरूरी उपकरण लगातार चलते रहें। इसके साथ पैरेलल ऑपरेशन की सुविधा भी मिलती है, यानी आप चाहे तो भविष्य में इसे 10kW, 15kW या 20kW तक अपग्रेड कर सकते हैं, वह भी बिना पुराने सिस्टम को हटाए।
पैनल, इन्वर्टर और बैटरी—कौन सा कॉम्बिनेशन सबसे बेहतर?
600W TOPCon पैनल सबसे बजट फ्रेंडली हैं और कम धूप में भी अच्छा आउटपुट देते हैं। वहीं 610W ग्लास-टू-ग्लास पैनल लंबे समय में टिकाऊ और मजबूत साबित होते हैं। अगर आप 35–45 यूनिट रोजाना पाना चाहते हैं, तो 730W HJT या HDT पैनल बेस्ट विकल्प हैं, हालांकि इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है।
बैटरी की बात करें तो LFP (लिथियम फास्फेट) बैटरी सबसे सुरक्षित और लंबी चलने वाली मानी जाती है। 24V बैटरी 4kW इन्वर्टर पर और 51.2V बैटरी 5kW इन्वर्टर पर लगती हैं। सस्ती बैटरी 5 साल की वारंटी के साथ आती है, जबकि प्रीमियम बैटरी पर 15 साल तक की वारंटी देखने को मिलती है।
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