देशभर में आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल आज लगभग हर सरकारी और प्राइवेट काम में होता है। बैंक खाता खोलने से लेकर सिम कार्ड लेने तक, हर जगह आधार अनिवार्य हो चुका है। ऐसे में UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने अब आधार कार्ड से जुड़े कुछ नए नियम लागू कर दिए हैं, जो आज से पूरे देश में प्रभावी हो गए हैं। इन बदलावों का असर हर आधार कार्ड धारक पर पड़ेगा। आइए जानते हैं, आखिर क्या हैं ये नए नियम और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अब हर 10 साल में जरूरी होगा Aadhaar अपडेट
UIDAI ने हाल ही में निर्देश जारी किया है कि हर आधार कार्ड धारक को अपने डॉक्यूमेंट्स को हर 10 साल में एक बार अपडेट करवाना जरूरी होगा। इसका मकसद है नागरिकों की जानकारी को समय-समय पर सटीक बनाए रखना। बहुत से लोगों के एड्रेस, मोबाइल नंबर या पहचान पत्रों में समय के साथ बदलाव आ जाते हैं, जिससे वेरिफिकेशन के समय दिक्कतें आती हैं। अब UIDAI ने इस पर सख्ती बरती है।
अगर किसी का आधार 10 साल से ज्यादा पुराना है, तो उसे अपने डॉक्यूमेंट्स जैसे पहचान पत्र (ID proof) और एड्रेस प्रूफ को फिर से अपलोड करना होगा। अच्छी बात यह है कि UIDAI ने इसके लिए mAadhaar ऐप और UIDAI की वेबसाइट पर ऑनलाइन सुविधा दी है। यानी आप घर बैठे ही अपने दस्तावेज अपडेट कर सकते हैं।
फ्री अपडेट की सुविधा अब सीमित समय तक
UIDAI ने हाल ही में फ्री डॉक्यूमेंट अपडेट की सुविधा शुरू की थी, लेकिन यह केवल सीमित समय तक ही उपलब्ध रहेगी। अब नए नियमों के तहत, निर्धारित समयसीमा के बाद अपडेट कराने पर यूजर्स को मामूली शुल्क देना होगा। यह शुल्क ऑनलाइन अपडेट के लिए ₹25 और ऑफलाइन अपडेट के लिए ₹50 तय किया गया है।
इसके अलावा, अगर किसी का मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक डिटेल (जैसे फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन) बदल गया है, तो इसके लिए भी केंद्रों पर जाकर अपडेट कराना अनिवार्य होगा। UIDAI का कहना है कि सही मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है, ताकि ओटीपी वेरिफिकेशन और सरकारी योजनाओं के लाभ आसानी से मिल सकें।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, बढ़ेगी सिक्योरिटी
नई गाइडलाइन में UIDAI ने सुरक्षा को लेकर भी कड़े कदम उठाए हैं। अब Aadhaar कार्ड का इस्तेमाल करते समय वेरिफिकेशन के लिए QR कोड स्कैन अनिवार्य किया गया है। इससे किसी भी प्रकार की नकली या फर्जी आधार कार्ड की संभावना कम होगी। QR कोड स्कैन करने से तुरंत पता चल जाएगा कि कार्ड असली है या नहीं।
इसके अलावा, UIDAI ने सलाह दी है कि यूजर्स अपने आधार की डिजिटल कॉपी (eAadhaar) डाउनलोड करके सुरक्षित रखें और फिजिकल कार्ड की फोटोस्टेट कॉपी किसी को शेयर करने से बचें। eAadhaar में एन्क्रिप्टेड सिक्योरिटी होती है, जिससे डेटा लीक का खतरा काफी कम हो जाता है।
Aadhaar कार्ड अब केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि हर नागरिक के डिजिटल जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। नए नियमों के साथ UIDAI का उद्देश्य है लोगों की जानकारी को अधिक सुरक्षित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना। अगर आपने अभी तक अपना आधार अपडेट नहीं किया है, तो जल्द ही इसे UIDAI की वेबसाइट या नजदीकी केंद्र पर जाकर अपडेट करा लें। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सेवाओं और अन्य प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।
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