Jakson Group 8,000 करोड़ की लागत से मध्यप्रदेश में लगायेगा 6GW का सोलर प्लांट, मिलेगी 4,000 नई नौकरियाँ! 

भारत के सोलर सेक्टर में एक बड़ा मील का पत्थर तब जुड़ गया जब Jakson Group ने मध्यप्रदेश में 8,000 करोड़ रुपये की लागत से 6 GW क्षमता वाला एक विशाल इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की शुरुआत कर दी। रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मकसी (Maksi) में इस प्लांट के पहले चरण का शिलान्यास किया। यह वही इलाका है जिसे अब “भारत का नया सोलर हब” कहा जाने लगा है। कंपनी का दावा है कि यह प्रोजेक्ट अगले कुछ वर्षों में न सिर्फ मध्यप्रदेश को सोलर मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाएगा, बल्कि भारत की क्लीन एनर्जी ट्रांज़िशन में भी ऐतिहासिक योगदान देगा।

Jakson Group to build 6GW solar plant in MP

पहले चरण में ही 3 GW सोलर सेल और 4 GW सोलर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता तैयार की जाएगी, जिसके लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश तय किया गया है। यह फेज अकेले में 1,700 से अधिक रोजगार पैदा करेगा, जबकि पूरे प्रोजेक्ट के पूरा होने पर कुल 4,000 युवाओं को स्थायी नौकरियां मिलने की उम्मीद है।

6GW Ingot से लेकर 6GW Module तक—पूरी चेन भारत में ही तैयार होगी

Jakson Group ने बताया कि आने वाले तीन सालों में यह सुविधा 6 GW Ingot, 6 GW Wafer, 6 GW Cell और 6 GW Solar Module की क्षमता तैयार कर देगी। इसका मतलब है कि भारत पहली बार इतने बड़े स्तर पर एक ही जगह पूरी सोलर वैल्यू चेन का निर्माण होते देखेगा। यह “सोलर आत्मनिर्भरता” की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

फिलहाल भारत सोलर पैनल के लिए Wafer और Ingot जैसे महत्वपूर्ण रॉ मैटेरियल के लिए बाहरी देशों पर निर्भर है। ऐसे में Jakson का यह प्लांट न केवल इम्पोर्ट घटाएगा बल्कि Made in India सोलर टेक्नोलॉजी को नई पहचान देगा। कंपनी के चेयरमैन समीर गुप्ता ने कहा कि “यह प्रोजेक्ट भारत को टेक्नोलॉजिकल आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाएगा और वैश्विक सोलर सप्लाई चेन में हमारी स्थिति मजबूत करेगा।”

युवाओं के लिए रोजगार और MP के लिए नई औद्योगिक पहचान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश को भारत के क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स का केंद्र बना देगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सोलर हब के आने से हजारों युवाओं को हाई-स्किल्ड जॉब मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में तेज़ी आएगी। सरकार का मानना है कि यह निवेश प्रदेश को Aatmanirbhar Bharat मिशन के तहत एक रणनीतिक ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित कर देगा।

इस मेगा प्रोजेक्ट के साथ रियल एस्टेट, ट्रांसपोर्ट, इंजीनियरिंग, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स और स्थानीय बिजनेस को भी बड़ा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर डिमांड बढ़ने के साथ MP आने वाले 5 वर्षों में भारत के टॉप रिन्यूएबल एनर्जी स्टेट्स में शामिल हो सकता है।

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