दुनिया की दिग्गज सोलर कंपनियों में शामिल JinkoSolar ने एक बार फिर सोलर इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। कंपनी ने अपने परोवस्काइट-सिलिकॉन टैंडम सोलर सेल की एफिशिएंसी को बढ़ाकर 34.76% कर दिया है, जिसे चीन के National PV Metric & Testing Center (NPVM) द्वारा प्रमाणित भी किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि टैंडम सेल तकनीक को भविष्य की सोलर टेक्नोलॉजी माना जाता है, जो कम रोशनी, बादल वाले मौसम और सीमित स्पेस में भी ज्यादा बिजली पैदा कर सकती है। नॉर्मली अब तक सोलर पैनल की एफिशिएंसी केवल 23-24% तक होती थी, लेकिन अब वही सोलर पैनल कम जगह में ज्यादा बिजली बनाकर देंगे.

JinkoSolar ने इस सफलता के पीछे कई नई तकनीकों को जिम्मेदार बताया है, जिनमें कंपनी का खुद विकसित किया गया हाई-एफिशिएंसी N-type TOPCon बॉटम सेल, परोवस्काइट लेयर की बेहतर पासिवेशन तकनीक, नई क्रिस्टलाइजेशन प्रक्रिया और चार्ज ट्रांसपोर्ट को ऑप्टिमाइज़ करने वाली एडवांस्ड स्ट्रेटजी शामिल हैं। इससे न केवल सेल की गुणवत्ता सुधरी है, बल्कि बिजली परिवर्तन क्षमता भी नए स्तर तक पहुँच गई है।
Longi से कड़ी टक्कर, रेस हुई और दिलचस्प
हालांकि JinkoSolar की यह उपलब्धि रिकॉर्ड स्तर की है, लेकिन परोवस्काइट-टैंडम कैटेगरी में विश्व रिकॉर्ड इस समय चीनी कंपनी Longi के नाम है, जिसने अप्रैल 2025 में 34.85% एफिशिएंसी हासिल की थी। इस लिहाज से JinkoSolar का नया आंकड़ा उस रिकॉर्ड के बेहद करीब है और आने वाले महीनों में दोनों कंपनियों के बीच यह “एफिशिएंसी रेस” और दिलचस्प होने वाली है। पिछले कुछ महीनों में टैंडम तकनीक में तेजी से प्रगति हुई है, क्योंकि परोवस्काइट और सिलिकॉन के संयोजन से सोलर पैनल पारंपरिक मोनोपर्क या TOPCon पैनलों की तुलना में कई गुना ज्यादा पावर आउटपुट दे सकते हैं। यही वजह है कि दुनिया की प्रमुख कंपनियां इस टेक्नोलॉजी में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले 2–3 सालों में यह टैंडम टेक्नोलॉजी कमर्शियल मार्केट में भी उपलब्ध होने लगेगी।
TOPCon तकनीक में भी JinkoSolar का रिकॉर्ड
यह उपलब्धि तब और खास हो जाती है जब JinkoSolar ने पिछले ही हफ्ते 27.79% एफिशिएंसी के साथ अपनी n-type TOPCon सोलर सेल तकनीक का भी नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस उपलब्धि को जर्मनी के ISFH संस्थान ने सत्यापित किया है।
कंपनी के अनुसार इस रेकॉर्ड के पीछे एक अल्ट्राथिन सिलिकॉन ऑक्साइड टनलिंग लेयर, डोप्ड पॉलीसिलिकॉन पासिवेटेड कॉन्टैक्ट्स, कैरियर रिकॉम्बिनेशन को कम करने वाली नई मटीरियल साइंस और ऑप्टिकल लॉस को न्यूनतम करने वाली इंजीनियरिंग तकनीकें शामिल हैं। इन नवाचारों ने न सिर्फ सेल की एफिशिएंसी बढ़ाई है, बल्कि आगामी मॉड्यूल्स की विश्वसनीयता और परफॉर्मेंस को भी एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
धीरे-धीरे यह साफ होता जा रहा है कि सोलर टेक्नोलॉजी का भविष्य सिर्फ मोनो या PERC तक सीमित नहीं है, बल्कि टैंडम सेल खासकर परोवस्काइट-TOPCon संयोजन आने वाले दशक में सोलर इंडस्ट्री का चेहरा बदलने वाला है। कंपनियों के बीच एफिशिएंसी की यह रेस उपभोक्ताओं के लिए बेहतर, शक्तिशाली और किफायती सोलर समाधान लेकर आएगी।
यह भी पढ़े – 👉 Maxmol MPPG Solar Generator: बिना बैटरी, बिना बिजली सीधे सोलर से चलाएगा घर का पूरा लोड!