भारत की ब्रांड वैल्यू दुनिया भर में तेजी से पहचानी जा रही है और इस रफ्तार में सबसे आगे निकलते हुए HDFC बैंक ने एक बार फिर TCS को पछाड़ दिया है। कैंटर BrandZ की 2025 रिपोर्ट में HDFC बैंक 44.9 अरब डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ देश का सबसे मूल्यवान ब्रांड बन गया है। दिलचस्प बात यह है कि 2014 में पहली रिपोर्ट जारी होने के बाद से HDFC बैंक की ब्रांड वैल्यू में 377% की जोरदार छलांग लगी है। 2022 में जब TCS ने पहली बार HDFC को पीछे किया था, तब यह मुकाबला बेहद करीबी हो गया था, लेकिन बैंक ने अपने मर्जर, डिजिटल सर्विसेज और भरोसेमंद ब्रांड इमेज के सहारे एक बार फिर बाजी मार ली।

HDFC बैंक की “विजिल आंटी” कैंपेन से लेकर “30 मिनट डिजिटल ऑटो लोन” जैसी इनोवेटिव सर्विसेज ने ग्राहकों के बीच ब्रांड कनेक्ट को और मजबूत किया है। रिपोर्ट भी इसी बात पर जोर देती है कि जो ब्रांड उपभोक्ता की जरूरतें बारीकी से समझते हैं, वे किसी भी चुनौतीपूर्ण दौर में आगे निकल जाते हैं।
Zomato की तूफानी छलांग, बनाया नया कीर्तिमान
Top-100 Brands रिपोर्ट का सबसे चमकता सितारा Zomato रहा, जिसने लगातार दूसरे साल भारत का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड होने का खिताब हासिल किया। कंपनी ने 10 स्थानों की छलांग लगाते हुए 21वां स्थान प्राप्त किया और अपनी ब्रांड वैल्यू लगभग दोगुनी करके 6 अरब डॉलर पहुंचा दी।
Zomato सिर्फ फूड डिलीवरी कंपनी नहीं रहा—अब यह लाइफस्टाइल सर्विसेज, क्विक कॉमर्स और हाइपरलोकल बिजनेस में भी मजबूत कदम बढ़ा चुका है। भारत के युवा उपभोक्ता तेज, भरोसेमंद और डिजिटल-फर्स्ट सर्विस की मांग कर रहे हैं और Zomato उन्हीं जरूरतों को पूरा करते हुए अपने ब्रांड को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा रहा है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि यह ग्रोथ आने वाले वर्षों में और बढ़ सकती है, क्योंकि भारतीय बाजार अब ‘कंवीनियंस और कनेक्टेड लाइफस्टाइल’ की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
टॉप-100 ब्रांड्स में 18 नए नाम, कई सेक्टर चमके
इस साल की रिपोर्ट में पहली बार सूची को बढ़ाकर 100 ब्रांड्स किया गया है और 18 नए ब्रांड इस लिस्ट में शामिल हुए हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7वें स्थान पर जगह बनाई और उसकी ब्रांड वैल्यू 14.5 अरब डॉलर दर्ज की गई।
यात्रा और अनुभव आधारित ब्रांड्स ने भी बड़ी छलांग लगाई है। ताज होटल (2.9 अरब डॉलर), इंडिगो (5.1 अरब डॉलर), मेकमायट्रिप (2.4 अरब डॉलर) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (5.5 अरब डॉलर) की वैल्यू में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है, जो यह दिखाती है कि भारत ‘एक्सपीरियंस इकोनॉमी’ की ओर आगे बढ़ रहा है।
टाटा समूह के वेस्टसाइड और जूडियो जैसे रिटेल ब्रांड भी पहली बार इस प्रतिष्ठित सूची में आए हैं, जिससे पता चलता है कि भारतीय उपभोक्ता ब्रांड से जुड़ाव, वाजिब कीमत और प्रीमियम अनुभव—तीनों को एक साथ महत्व दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, 523.5 अरब डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ भारत के टॉप-100 ब्रांड्स न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रहे हैं, बल्कि दुनिया को भी यह संदेश दे रहे हैं कि इंडियन ब्रांड्स अब किसी से कम नहीं है।
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