इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रिक प्लेन की दुनिया में आज एक ऐसा बड़ा धमाका हुआ है, जिसने भविष्य की दिशा ही बदल दी है। जापान के National Institute for Materials Science (NIMS) और कार्बन मैटेरियल विशेषज्ञ Toyo Tanso की संयुक्त टीम ने एक ऐसी नई Lithium-Air Battery विकसित की है, जो आने वाले सालों में EV उद्योग की रफ्तार कई गुना बढ़ा सकती है। यह वही बैटरी तकनीक है, जिसका सपना दुनिया पिछले 15 सालों से देख रही थी. यह हल्की, बेहद पावरफुल और लंबे समय तक चलने वाली है। सबसे खास बात यह है कि वैज्ञानिकों ने इसका 1-Wh क्लास का एक स्टेबल प्रोटोटाइप बनाकर दिखा दिया है, जिसमें 4cm x 4cm का कार्बन इलेक्ट्रोड है और यह बड़े स्तर पर स्केल-अप होने की क्षमता भी रखता है।

इलेक्ट्रिक प्लेनों और कारों के लिए गेम-चेंजर
Lithium-Air Battery को हमेशा से “अल्टीमेट रिचार्जेबल बैटरी” कहा जाता रहा है, क्योंकि इसका एनर्जी डेंसिटी पारंपरिक लिथियम- आयन बैटरी से कई गुना अधिक होता है। 2021 में NIMS ने लगभग 500 Wh/kg एनर्जी डेंसिटी वाली बैटरी बनाई थी, जो बाजार की मौजूदा बैटरियों से दो गुना बेहतर थी, लेकिन पावर आउटपुट और लाइफस्पैन की कमी इसे व्यावहारिक नहीं बनने देती थी।
अब नए रिसर्च ने तीन बड़ी समस्याओं—कम आउटपुट, छोटी लाइफ और स्केलिंग की दिक्कत—को लगभग खत्म कर दिया है। नई बैटरी में Toyo Tanso के CNovel porous carbon और NIMS की self-standing carbon membrane तकनीक का ऐसा संयोजन किया गया है, जिसने बेहद लेयर्ड और कंट्रोल्ड पोरोस स्ट्रक्चर वाला इलेक्ट्रोड तैयार किया है।
इसका फायदा ये हुआ कि बैटरी के अंदर आयन और रासायनिक प्रतिक्रियाएँ कहीं अधिक तेजी और स्थिरता से हो सकीं। यही वजह है कि इस बैटरी ने 150+ साइकल्स तक हाई करेंट डेंसिटी (1.5 mA cm−2) पर भी स्थिर प्रदर्शन किया। यह पावरफुल आउटपुट EVs में तेज़ एक्सीलरेशन, इलेक्ट्रिक प्लेनों में वर्टिकल टेक-ऑफ और लाइट वजन वाले air taxis को सम्भव बना सकता है।
10 गुना रेंज, हल्का वजन और बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी
Lithium-Air Battery का सबसे बड़ा आकर्षण इसका अल्ट्रा-हाई एनर्जी डेंसिटी है, जो सैद्धांतिक रूप से पेट्रोल के बराबर पहुंच सकती है। आज जहां आधुनिक EV बैटरियां 250–300 Wh/kg के बीच अटकी हैं, वहीं Lithium-Air तकनीक 1000 Wh/kg से भी ऊपर जाने की क्षमता रखती है। इसका मतलब इलेक्ट्रिक कारें एक बार चार्ज में 1000–2000 km तक जा सकती हैं। इलेक्ट्रिक प्लेन बिना भारी बैटरी के बोझ के लंबी उड़ानें भर सकते हैं। ड्रोन, एयर टैक्सी और कार्गो एयरक्राफ्ट का भविष्य पहले से कहीं ज्यादा करीब आ सकता है।
सबसे रोमांचक बात यह है कि रिसर्च टीम 10cm x 10cm या उससे बड़े इलेक्ट्रोड बनाने की क्षमता पहले ही विकसित कर चुकी है, जिसका मतलब है कि आने वाले वर्षों में इस तकनीक को बड़े स्तर पर बैटरी पैक के रूप में इस्तेमाल करना संभव हो जाएगा।
इस ब्रेकथ्रू ने साबित कर दिया है कि शॉर्ट रेंज EV और ‘फ्लाइंग कार का सपना’ अब सिर्फ समय की बात है। Lithium-Air Battery न सिर्फ हल्की है बल्कि कम संसाधनों में अधिक पावर देती है, जिससे EV की कीमतें भी भविष्य में कम हो सकती हैं।
इस शोध को Cell Reports Physical Science जर्नल में प्रकाशित किया गया है और इसका असर आने वाले दशक की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को पूरी तरह बदलने वाला है। भविष्य की EV अब न सिर्फ तेज होंगी बल्कि बेहद लंबी दूरी तय करने में सक्षम होंगी और यही वह तकनीक है जो दुनिया को एक नए ऊर्जा युग में ले जा सकती है।
यह भी पढ़े – 👉 इतनी बड़ी सब्सिडी कभी नहीं मिली! 10 HP सोलर पंप पर ₹2.5 लाख तक की मदद — PM KUSUM योजना के तहत!