पीएम सूर्यघर योजना का बड़ा असर: इस राज्य में अब तक लग चुके 1 लाख सोलर प्लांट, हर महीने 10 हजार नए घरों में पहुंच रही मुफ्त बिजली!

राजस्थान में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के एक लाख से ज्यादा घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लग चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 408 मेगावॉट है, जो हजारों परिवारों को हर महीने मुफ्त बिजली दे रही है। अब तक 86,307 उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने पर 672 करोड़ रुपए की सरकारी सब्सिडी जारी की जा चुकी है। सबसे ज्यादा रूफटॉप सोलर प्लांट जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में लगाए गए हैं, जहां 33,922 परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। वहीं जोधपुर में 33,378 और अजमेर में 32,957 उपभोक्ता अब अपनी बिजली खुद बना रहे हैं।

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राज्य में हर महीने औसतन 10 हजार नए सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे आने वाले महीनों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इस योजना के तहत अधिकतम 3 किलोवॉट क्षमता तक के प्लांट पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। साथ ही, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को अतिरिक्त 17 हजार रुपए की सहायता भी मिल रही है।

देशभर में राजस्थान का पांचवां स्थान, गुजरात नंबर वन

पीएम सूर्य घर योजना के तहत राजस्थान अब सौर ऊर्जा में अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो चुका है। देशभर में यह राज्य पांचवें स्थान पर है। पहले स्थान पर गुजरात है, जहां अब तक 6 लाख 73 हजार 554 रूफटॉप सोलर प्लांट लग चुके हैं। महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है, जहां 3 लाख 33 हजार 966 प्लांट लगाए गए हैं। इनके बाद उत्तर प्रदेश में 2 लाख 73 हजार 871 और केरल में 1 लाख 59 हजार 193 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं।

राजस्थान में भी तेजी से लोग इस योजना से जुड़ रहे हैं। अब तक 1 लाख 90 हजार उपभोक्ताओं ने 150 यूनिट प्रति माह मुफ्त बिजली के लिए सहमति दी है। सोलर प्लांट लगने के बाद सरकार सीधे उनके खातों में सब्सिडी ट्रांसफर करेगी और अगले ही महीने से उन्हें मुफ्त बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।

गांव-गांव पहुंच रही सौर क्रांति, बने 11 “आदर्श सौर ग्राम”

सरकार अब ग्रामीण इलाकों में भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। राजस्थान के 11 जिलों में “आदर्श सौर ग्राम” का चयन किया गया है, जिनमें सालासर (चूरू), डाबी (बूंदी), मोर (टोंक), मिश्रोली (झालावाड़), जेठाना (अजमेर), केलवा (राजसमंद), दलोट (प्रतापगढ़), चनाना (झुंझुनू), भावरी (पाली), चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) और बसई नवाब (धौलपुर) शामिल हैं। इन गांवों को सामुदायिक सौर गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक करोड़ रुपए की विशेष राशि दी जा रही है।

राजस्थान के डिस्कॉम्स ने भी इस योजना को सफल बनाने के लिए कई नवाचार किए हैं। अब उपभोक्ताओं को आवेदन के समय कोई शुल्क नहीं देना पड़ता और प्लांट लगाने के बाद ही सभी चार्ज बिजली बिल में जोड़े जाते हैं। इससे प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी हो गई है।

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