प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब तक उपभोक्ताओं को हर रिफिलिंग पर 304 रुपए की सब्सिडी मिलती थी, लेकिन नई व्यवस्था के बाद यह सुविधा सीधे तौर पर ई-केवाईसी से जुड़ गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि 7वां सिलेंडर खत्म होते ही नियम बदल जाएंगे और 8वें तथा 9वें सिलेंडर की सब्सिडी तभी मिलेगी, जब उपभोक्ता अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी पूरा करेंगे।

यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने और सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें नकली कनेक्शन और गलत खातों में सब्सिडी ट्रांसफर होने की शिकायतें आई थीं। अब ई-केवाईसी से हर उपभोक्ता की पहचान सटीक रूप से सत्यापित की जाएगी, जिससे सब्सिडी सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से पहुंचेगी।
कब-कब करानी होगी ई-केवाईसी
नई व्यवस्था के अनुसार उज्ज्वला लाभार्थी पहले 7 सिलेंडर बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के रिफिल करा सकते हैं। लेकिन 7वां सिलेंडर खत्म होते ही अगला चरण शुरू हो जाएगा। 8वें और 9वें सिलेंडर को बुक करने से पहले ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, अन्यथा उपभोक्ता को सब्सिडी नहीं मिलेगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह प्रक्रिया हर साल दोहरानी होगी। यानी, हर वित्तीय वर्ष जो 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है—7वें सिलेंडर के बाद ई-केवाईसी फिर से करवानी पड़ेगी। उज्ज्वला उपभोक्ता कुल 12 सिलेंडर रिफिल करा सकते हैं, लेकिन सब्सिडी केवल 9 सिलेंडरों तक ही दी जाएगी।
ई-केवाईसी के लिए उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी जाना होगा या संबंधित गैस कंपनी के मोबाइल ऐप पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इतना ही नहीं, गैस डिलीवरी कर्मी भी अपने मोबाइल पर ई-केवाईसी पूरी करा सकते हैं, जिससे दूरदराज के उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी।
उपभोक्ताओं पर सीधा असर और क्या करना होगा अब
नई व्यवस्था से सीधे-सीधे उन उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा जो नियमित रूप से सब्सिडी पर निर्भर रहते हैं। अगर कोई लाभार्थी 8वां सिलेंडर ले लेता है लेकिन ई-केवाईसी नहीं कराता है तो उसके बैंक खाते में 304 रुपए की सब्सिडी जमा नहीं होगी। सतना के डीएसओ सम्यक जैन के अनुसार “उज्ज्वला कनेक्शनधारी को सब्सिडी में 9 सिलेंडर मिलेंगे, लेकिन 8वें और 9वें सिलेंडर से पहले ई-केवाईसी अनिवार्य है, वरना सब्सिडी रोक दी जाएगी।”
सरकार का तर्क है कि यह कदम उपभोक्ताओं के हित में है, क्योंकि इससे गलत खातों में सब्सिडी जाने की समस्या खत्म होगी और असली लाभार्थियों को ही इसका फायदा मिलेगा। आने वाले महीनों में LPG उपभोक्ताओं को ऐप आधारित वेरिफिकेशन और डिजिटल प्रोसेस की अतिरिक्त सुविधा भी मिल सकती है, जिससे प्रक्रिया और आसान बनने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, सब्सिडी का लाभ uninterrupted पाने के लिए अब उपभोक्ताओं को सतर्क रहना होगा और समय पर ई-केवाईसी पूरी करनी होगी। यह बदलाव उज्ज्वला योजना को और ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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