RBI Bank New Rules 2025 ने भारत के बैंकिंग सिस्टम में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव ला दिया है। नवंबर 2025 से लागू हुए इन नए नियमों का उद्देश्य ग्राहकों की सुरक्षा, बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और फाइनेंशियल सिस्टम को अधिक मजबूत बनाना है। बैंकिंग लॉज (अमेंडमेंट) एक्ट 2025 के तहत किए गए ये बदलाव डिपॉजिट अकाउंट्स, नॉमिनेशन, चेक क्लीयरिंग, डिजिटल सिक्योरिटी और अकाउंट वेरिफिकेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करते हैं। आज के डिजिटल दौर में जहां फ्रॉड के केस लगातार बढ़ रहे हैं, RBI के ये कदम आम ग्राहकों से लेकर बिज़नेस सेक्टर तक—सभी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

कई वर्षों से ग्राहक नॉमिनेशन विवाद, चेक क्लियरेंस में देरी और फेक अकाउंट्स की समस्या से परेशान थे। RBI ने इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए नियमों को मॉर्डन टेक्नोलॉजी और AI-आधारित सिक्योरिटी के साथ अपग्रेड किया है। आइए, इन नए बदलावों को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि ये आपकी फाइनेंशियल लाइफ को कैसे प्रभावित करेंगे।
नई Nomination Policy: परिवार की सुरक्षा अब पहले से मजबूत
RBI Bank New Rules 2025 का सबसे बड़ा और सबसे चर्चा में रहने वाला बदलाव है नॉमिनेशन की नई पॉलिसी। 1 नवंबर 2025 से लागू इस नियम के तहत अब ग्राहक अपने बैंक अकाउंट, सेफ्टी लॉकर्स और सेफ कस्टडी आइटम्स में एक की जगह अधिकतम चार नॉमिनी जोड़ सकते हैं। पहले केवल एक नॉमिनेशन की अनुमति होने से परिवारों में अकाउंट धारक की मृत्यु के बाद विवाद और कानूनी प्रक्रिया की दिक्कतें बढ़ जाती थीं, लेकिन अब हर नॉमिनी को आप अपनी इच्छा अनुसार निश्चित प्रतिशत (जैसे 25-25-25-25) में हिस्सेदारी दे सकते हैं।
RBI ने यह कदम उन लाखों परिवारों की समस्या को ध्यान में रखते हुए उठाया है, जहां क्लेम पाने में महीनों की देरी होती थी। नए नियम के साथ न केवल क्लेम प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि बैंक को भी ग्राहक की मदद करनी होगी, वरना जुर्माना लगाया जाएगा। खास बात यह है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाइफ सर्टिफिकेट और नॉमिनेशन अपडेट की प्रक्रिया भी आसान कर दी गई है। यह बदलाव पारिवारिक सुरक्षा को मजबूत बनाता है और वित्तीय योजनाओं को स्पष्ट दिशा देता है।
चेक क्लीयरिंग अब सुपरफास्ट: 24 घंटे में सेटलमेंट
RBI Bank New Rules 2025 के अनुसार चेक क्लीयरिंग सिस्टम को पूरी तरह आधुनिक और तेज बनाया गया है। अक्टूबर 2025 से शुरू फेज-1 के तहत बैंक शाम 7 बजे तक चेक कन्फर्म करेंगे और हर घंटे सेटलमेंट किया जाएगा। फेज-2, जो 3 जनवरी 2026 से शुरू होगा, उसमें चेक सिर्फ 3 से 4 घंटे में क्लीयर कर दिया जाएगा।
ये बदलाव छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और बड़े व्यवसायों के लिए वरदान साबित होंगे, क्योंकि पहले चेक क्लियर होने में 2–3 दिन लग जाते थे, जिससे कैश फ्लो गड़बड़ा जाता था। RBI ने इस नई व्यवस्था को “Smarter Cheque System” नाम दिया है, जिसमें AI-बेस्ड फ्रॉड डिटेक्शन और डिजिटल वेरिफिकेशन जोड़े गए हैं।
इसके साथ ही बैंक अब कॉर्पोरेट फंडिंग और कैपिटल मार्केट में भी ज्यादा सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे, जिससे इकोनॉमी को सीधा फायदा होगा। हालांकि, ग्राहकों को अपने चेक की डिटेल्स भरते समय ज्यादा सावधानी रखनी होगी, क्योंकि गलत जानकारी पर तुरंत पेनल्टी भी लग सकती है।
हाई-रिस्क अकाउंट वेरिफिकेशन: फेक अकाउंट्स पर सख्त कार्रवाई
RBI Bank New Rules 2025 के तीसरे महत्वपूर्ण बदलाव के तहत 11 नवंबर 2025 से सभी बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे इनएक्टिव, डुप्लिकेट और संदिग्ध अकाउंट्स की तुरंत पहचान कर उन्हें वेरिफाई करें या आवश्यक हो तो बंद कर दें। यह कदम बढ़ते साइबर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और फेक ट्रांजैक्शन को रोकने के लिए उठाया गया है।
12 महीने से अधिक समय से निष्क्रिय खातों में KYC अपडेट अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, बैंक वेबसाइट्स के लिए .bank.in डोमेन को अनिवार्य किया गया है ताकि फेक और फ्रॉड वेबसाइट्स से ग्राहक सुरक्षित रहें। RBI का अनुमान है कि इन कदमों से 2025 में बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में 20% तक कमी आएगी।
यदि किसी ग्राहक का खाता बंद होता है, तो बैंक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका बैलेंस तुरंत दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाए। इसलिए, ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित ट्रांजैक्शन करें, KYC अपडेट रखें और नॉमिनेशन अवश्य सेट करें, वरना अचानक अकाउंट ब्लॉक होने की स्थिति बन सकती है।
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