सोलर टेक्नोलॉजी में क्रांति उसी दिन आनी थी, जब किसी ने सोचा कि पैनल सिर्फ धरती पर ही क्यों लगाए जाएं। चीन और स्वीडन के शोधकर्ताओं ने इसी सोच को हकीकत में बदलते हुए दुनिया का पहला Photovoltaic Balloon लॉन्च किया है—एक ऐसा उड़ता हुआ सोलर सिस्टम, जो जमीन पर लगे पारंपरिक पैनलों से 50 गुना ज्यादा एनर्जी जनरेट कर रहा है।

टेस्टिंग में पाया गया कि यह हवा में तैरता PV बलून, जमीन पर लगे सोलर पैनलों की तुलना में ज्यादा तीव्र और साफ सूरज की रोशनी कैप्चर करता है। जमीन पर बर्फ, धूल, शैडिंग और लो एंगल सनलाइट का असर पैनल को कमजोर कर देता है। लेकिन यह PV बलून इन सभी बाधाओं से ऊपर उठकर 360° एंगल से धूप को खींच लेता है।
कैसे काम करता है यह हाई-टेक Solar Balloon?
इस अनोखे बलून को Southwest Jiaotong University, Guizhou University और Sweden की Mälardalen University के वैज्ञानिकों ने मिलकर तैयार किया है। इसके ऊपरी हिस्से को ऐसे डिजाइन किया गया है कि वह धूप को नीचे की ओर मौजूद CdTe सेल्स पर रिफ्रैक्ट कर दे।
19% एफिशिएंसी वाले CdTe सेल्स बर्फ और धूल जमा ना होने देने के लिए भी जाने जाते हैं। यही वजह है कि जहां कनाडा और नॉर्थ यूरोप जैसे ठंडे इलाकों में पारंपरिक सोलर सिस्टम बर्फ से जाम हो जाते हैं, वहीं यह सोलर बलून ऊपर तैरते हुए बिना रुकावट ऊर्जा बनाता रहता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका ट्रांसपेरेंट अपर डोम, जो सूर्य की रोशनी को एक कंसंट्रेटर की तरह काम करते हुए लगभग दोगुनी तीव्रता में नीचे भेजता है। यानी कम रोशनी में भी अधिक बिजली बनती है!
10,000 बलून्स की टेस्टिंग—निकल आया चौंकाने वाला डेटा
टेस्टिंग के लिए 5 शहरों में 10,000 PV बलून्स उड़ाए गए। रिजल्ट चौंकाने वाले थे—ये बलून्स 3.337 GWh से लेकर 4.275 GWh तक एनर्जी पैदा कर गए। यही नहीं, अनुमान है कि ऐसे सिस्टम से $12.9 मिलियन से $107 मिलियन तक का आर्थिक लाभ मिल सकता है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे लगाने के लिए किसी जमीन की जरूरत नहीं पड़ती है। यह पूरी तरह से पोर्टेबल है, यानी बिजली को उन इलाकों तक ले जाया जा सकता है जहां बिजली पहुंचाना मुश्किल होता है। गांवों, पहाड़ी इलाकों, आपदा क्षेत्रों या ऑफ-ग्रिड साइट्स हर जगह यह भविष्य का हल साबित हो सकता है।
इसके अन्य फायदे भी कम नहीं हैं जैसे —
- बर्फ और धूल जमा होने का कोई खतरा नहीं है।
- शैडिंग की समस्या खत्म हो जाती है।
- हल्के वजन के कारण कहीं भी ले जाने में आसान है।
- किसी भी मौसम और जगह के लिए उपयुक्त है।
यह उड़ता हुआ Solar Balloon साबित करता है कि भविष्य की सौर ऊर्जा जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में तैरेगी। यह तकनीक न सिर्फ पारंपरिक पैनलों को चुनौती दे रही है, बल्कि यह भी बता रही है कि आने वाला सोलर युग पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली, कुशल और पोर्टेबल होगा।
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