22% गिर चुका Suzlon! अब ब्रोकरेज ने दे दी चेतावनी—यहां से और 24% डूब सकता है शेयर?

सुजलॉन एनर्जी, जो रिटेल निवेशकों के बीच हमेशा से एक लोकप्रिय विंड एनर्जी स्टॉक माना जाता है, पिछले कुछ हफ्तों से दबाव में दिख रहा है। शेयर अपने हाल के उच्चतम स्तर से लगभग 22% टूट चुका है और यही गिरावट अब ब्रोकरेज हाउस के रुख को और भी कठोर बना रही है। सोमवार को सुजलॉन का शेयर ₹57.70 पर बंद हुआ, जिससे कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹79,000 करोड़ पर आ गया। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरावट के बाद भी वेंचुरा सिक्योरिटीज ने इसे ‘Sell’ रेटिंग देते हुए चेतावनी दी है कि स्टॉक अभी भी महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है।

Suzlon shares may drop 24 percent

वेंचुरा का कहना है कि सुजलॉन के मौजूदा प्राइस में काफी ‘आशावाद’ पहले ही शामिल हो चुका है, जबकि कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद के अनुसार दमदार नहीं रहे। रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक अपने मौजूदा लेवल से और 24% तक टूट सकता है, जो निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।

तिमाही नतीजों के बाद मिला झटका, लेकिन दूसरी ब्रोकरेज की सोच अलग

सुजलॉन एनर्जी ने हाल ही में वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसके बाद बाज़ार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। वेंचुरा ने साफ कहा कि बढ़े हुए वैल्यूएशन और संभावित जोखिम के कारण अभी इस स्टॉक से दूर रहना बेहतर है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि हर ब्रोकरेज फर्म सुजलॉन को लेकर इतनी नकारात्मक नहीं है।

मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है, जबकि नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ ने इसे ‘Hold’ की सलाह दी है। इन फर्मों का मानना है कि सुजलॉन का मज़बूत बिज़नेस मॉडल, बढ़ती ऑर्डर बुक और विंड एनर्जी सेक्टर में सुधार आने वाले समय में स्टॉक को मजबूती दे सकते हैं। हाल ही में कंपनी की ऑर्डर बुक 6GW के पार पहुंच गई है, जो इस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है।

इसके अलावा, जीएसटी में कटौती की संभावनाओं और विंड टर्बाइन सेक्टर में बढ़ती मांग से कंपनी को लंबी अवधि में फायदा मिलने की उम्मीद है। सुजलॉन लगातार EPC कॉन्ट्रैक्ट, भूमि विकास और टर्बाइन टेक्नोलॉजी में नए कदम बढ़ा रही है, जिससे इसका पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ है।

मजबूत ऑर्डर बुक, ठोस भविष्य की रणनीति—क्या गिरावट एक मौका हो सकती है?

सुजलॉन एनर्जी इस समय भारत में 15.4GW घरेलू और लगभग 6GW अंतर्राष्ट्रीय स्थापना क्षमता रखती है। कंपनी के पास 30 सितंबर 2025 तक ₹1,480 करोड़ का नेट कैश भी मौजूद है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति को मज़बूत बनाता है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 6GW और वित्त वर्ष 2027 में 8GW इंस्टॉलेशन का लक्ष्य रखा है। बढ़ती ग्रीन एनर्जी मांग, सरकारी सपोर्ट और ऑर्डर बुक के विस्तार को देखते हुए कई निवेशकों को लगता है कि सुजलॉन की मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के लिए एक अच्छा प्रवेश बिंदु हो सकती है।

हालांकि, वेंचुरा की चेतावनी को हल्के में लेना भी ठीक नहीं होगा, क्योंकि ऊंचे वैल्यूएशन पर खरीदने वाले निवेशकों को निकट भविष्य में वोलैटिलिटी का सामना करना पड़ सकता है। रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए समझदारी इसी में है कि वे अपनी रिस्क प्रोफाइल को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला लें।

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